बक्सर, फरवरी 28 -- फोटो नावानगर, एक संवाददाता। कड़सर गांव में आयोजित श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के छठवें दिन शनिवार को अपने प्रवचन के दौरान जीयर स्वामी ने धर्म की महत्ता को समझाते हुए कहा कि मानव जीवन का उद्देश्य धर्म का पालन करना है। उन्होंने कहा कि धर्म के बिना जीवन अधूरा है, और धर्म ही जीवन को सार्थक बनाता है। धर्म ही हमारा पिता है, धर्म ही हमारा बंधु है, धर्म ही हमारी संपति है। कहा जाय तो दुनिया में धर्म ही सबकुछ है। धर्म नहीं होता तो मनुष्य व पशु में कोई अंतर नहीं होता। अगर हमारे पास धर्म नहीं होता तो हम मानव नहीं कहलाते। केवल मंदिर में जाना ही धर्म नहीं है। बल्कि इसका धारण करने से समाज का , राष्ट्र का, प्राणियों का, प्रकृति का व सृष्टि का मंगल होता है। धर्म ही हमारी विशेष पहचान है, जिससे हम जाने जाते हैं। धर्म का मतलब हमारी नैतिकता,...
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