धर्म चर्चा में नहीं बल्कि चर्या में होता है : पूर्णमति
विकासनगर, जून 22 -- विकासनगर, संवाददाता। श्री दिगम्बर जैन समाज विकासनगर के तत्वाधान में त्रिशला देवी अतिथि गृह में पूज्या आर्यिका श्री पूर्णमति माताजी ससंघ के सानिध्य में धर्म आराधना कार्यक्रम चल रहा है। सोमवार को पूज्या माताजी ने श्रद्धालुओं को प्रवचन करते हुए बताया कि धर्म किताबों में नहीं, भीतर में होता है। चर्चा से नहीं, चर्या से होता है। वाचन से नहीं, आचरण से होता है। उन्होंने कहा कि विपरीत ज्ञान अर्जित करना, कुछ ज्ञान अर्जित न करने से अधिक खतरनाक है। हमारे भीतर आत्मराम है हमें उस ओर दृष्टिपात करना है। लोभ या भय के कारण भगवान का पूजन निरर्थक है। भेदज्ञान पूर्वक किया गया धर्म ही सिद्धिदायक होता है। इससे पूर्व सुबह सात बजे त्रिशला देवी जैन अतिथि भवन में आयोजित धर्म सभा में धर्म शिक्षण की कक्षाओं में श्रद्धालुओं ने धर्मार्जन किया। उसके ...
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