सोनभद्र, मार्च 29 -- अनपरा,संवाददाता। एमईआईएल आवासीय परिसर की उत्सव वाटिका में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दौरान सुप्रसिद्ध कथा व्यास पं बाला व्यकंटेश शास्त्री ने कहा कि जिस जीव के जीवन में धर्म का बल और ज्ञान की सुंदरता हो उसका वरन दया रूपी द्रौपदी करती है। जिस जीव का वरण दया रुपी द्रोपदी करती है उस जीव के जीवन रथ की लगाम स्वयं कृष्ण अपने हाथों में ले लेते है और वह आसानी से भव सागर पार कर जाता है। कहा कि भागवत कथा के श्रवण मात्र से मन की शुद्धि हो जाती है इसलिए यथासम्भव इसका श्रवण करें। संगीतमय कथा के दौरान भारी संख्या में मौजूद भक्तों ने भजन के साथ भागवत प्रसंगों को रसास्वादन किया। यजमान की भूमिका में मौजूद एमईआईएल अनपरा के यूनिट हेड एके सिंह व उनकी पत्नी रीता सिंह ने आरती की और प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर अनपरा सी परिवार समेत भार...
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