मुंगेर, मार्च 24 -- तारापुर,निज संवाददाता। तारापुर नगर क्षेत्र के सोनडीहा स्थित बाबा रत्नेश्वर धाम महादेव मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथावाचक आचार्य अखिलेशानंद जी महाराज ने ध्रुव चरित्र का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि मात्र पांच वर्ष की अल्पायु में ध्रुव ने अटूट संकल्प और दृढ़ भक्ति के बल पर केवल छह माह में भगवान श्रीहरि की प्राप्ति कर ली। ध्रुव का अर्थ ही होता है अटल संकल्प। संकल्प श्रेष्ठ और दृढ़ हो, तो सभी कार्य सिद्ध हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि, भगवान सदैव अपने भक्तों का कल्याण करते हैं और जब-जब धरती पर पाप, अत्याचार,अनाचार एवं दुराचार बढ़ता है, तब-तब भगवान अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं। आचार्य ने कहा कि जब भक्त सच्चे प्रेम और श्रद्धा से भगवान को पुकारता है, तो भगवान अवश्य प्रकट होते हैं। ---...
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