रामपुर, मई 2 -- रामपुर। धर्म सबको जोड़ता है वहीं, मजहब सबको तोड़ता है। धर्म की जय करने से अधर्म का नाश नहीं होता। अधर्म का नाश करने से धर्म की जय होती है। ये बातें अश्वनी उपाध्याय ने कहीं। वह शनिवार को सांस्कृतिक एवं साहित्यिक जागरण मंच के तत्वावधान में राष्ट्र गीत वंदेमातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक राष्ट्रीय स्तर की विचार माला कार्यक्रम में बोल रहे थे। कार्यक्रम में प्रोफेसर पवन सिंह ने कहा कि जब राष्ट्र और धर्म अलग-अलग चलता है तो देश विसंगतियों में घिर जाता है। अगर समय रहते हमने गलतियों को सुधारा तो गलतियां और बढ़ी होती जाएगी। यह भी पढ़ें- स्मरणोत्सव कार्यक्रम में आज, जुटेंगें बुद्धिजीवी-सियासी दिग्गज अर्चना प्रिय आर्य ने कहा कि राष्ट्रीय जीवन का आधार नारी है,जब-जब देश में विपत्तियों के बाद छाए हैं, तब-तब नारी ने पृथ्वी पर ...
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