बागपत, मार्च 27 -- दाहा। दोघट कस्बे के शिव दुर्गा मंदिर में चल रहे श्रीमद भागवत कथा के अंतिम दिन कथा वाचक पंडित विजयकांत भारद्वाज ने कहा कि संस्कृति व धर्म रक्षा करना प्रत्येक मनुष्य का कर्तव्य है। सनातन संस्कृति में धर्म की व्याख्या बड़े ही उदार ढंग से की गई है। चिंता की बात ये है कि आज कुछ लोग दुराग्रह से वशीभूत होकर धर्म को अपने ढंग से परिभाषित कर समाज को दिगभ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। कमेटी ने अतिथियों को राधा कृष्ण की चित्र देकर सम्मानित किया। भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर मनोज शर्मा, रामभरोसे लाल भाई जी, सुरेंद्रपाल शर्मा, मास्टर महेद्रपाल शर्मा, भरत भूषण शर्मा, अरविंद उर्फ खांडा आदि मौजिद रहे।
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