लखनऊ, दिसम्बर 10 -- ऋषि सेवा समिति की ओर से चिनहट के मटियारी स्थित ऑन द ग्रिल में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन बुधवार को कथाव्यास राघव ऋषि जी महाराज ने जडभरत का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि समग्र सृष्टि भगवान श्रीहरि की है। उन्होंने कहा कि सृष्टि का नियंत्रण करने के लिए मृत्युलोक में भगवान ने अपने सात प्रत्यक्ष ग्रहरूपी पार्षदों को नियुक्त किया है। जो प्रतिक्षण मनुष्य को संचालित करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि धर्म की मर्यादा में रहकर मनुष्य जीवन यापन करता है तो उसे सुख व अन्त में मुक्ति प्राप्त होती है। कथा मध्य सौरभ ऋषि ने भजन गाया तो भक्त विभोर होकर झूम उठे। राघव जी महाराज ने कहा कि जो मेरा-मेरा करता है भगवान उसे मारते हैं, जो तेरा-तेरा कहता है भगवान तारते हैं। मरना या तरना जीव के अपने हांथ में है। इस अवसर पर संयोजक विनोद पाण्डेय, कु...