धर्म-अधर्म की पहचान कर्मों से होती है, जाति से नहीं
भभुआ, अगस्त 8 -- परसियां चातुर्मास महामहोत्सव में बोले जीयर स्वामी, माता-पिता के सम्मान और नारायण की आराधना को बताया मानव जीवन का आधार भगवान के अवतारों की कथाओं में छिपी है मानव जीवन जीने की सीख अत्याचार के विरुद्ध धर्म की स्थापना का दिया संदेश, संयम-शांति जरूरी (पेज चार) भभुआ, नगर संवाददाता। सदर प्रखंड के परसियां स्थित चातुर्मास महामहोत्सव में प्रवचन के दौरान जीयर स्वामी जी महाराज ने मनु परंपरा, भगवान के विभिन्न अवतारों, भगवान परशुराम और श्रीराम के चरित्र तथा माता-पिता के ऋण पर विस्तार से प्रकाश डाला। यह भी पढ़ें- Bhabua News: धर्म-अधर्म की पहचान कर्मों से होती है, जाति से नहींजीयर स्वामी की शिक्षाएं उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा को समझने के लिए मनु परंपरा और उसमें निहित जीवन मूल्यों को समझना जरूरी है। मनु केवल किसी व्यक्ति या ग्रंथ का ना...
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