बुलंदशहर, जुलाई 25 -- बुलंदशह। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर के बाद छात्रों और युवाओं में विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई छात्रों और युवा संगठनों से जुड़े लोगों ने इसे लोकतांत्रिक विरोध और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों की जीत बताया, जबकि कुछ ने उम्मीद जताई कि नए नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े लंबित मुद्दों पर प्रभावी निर्णय लिए जाएंगे। छात्र विनय, कार्तिक, लक्षित, ऋषभ, सचिन, ललित कुमार का कहना है कि शिक्षा से जुड़े विषयों पर सरकार को लगातार संवाद बनाए रखना चाहिए और विद्यार्थियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान होना चाहिए। युवाओं ने कहा कि उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया जैसे मुद्दों पर ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। यह भी पढ़ें- धर्मेंद्र प्रधान: पेपर ल...