गंगापार, मार्च 31 -- हंडिया/सैदाबाद। धनूपुर ब्लॉक स्थित देवबरा धाम के पिपरी गांव सभा में चल रही नवदिवसीय श्रीराम कथा के चौथे दिन आचार्य राजनजी ने कहा, अयोध्या में राजा दशरथ के यहां जन्म लिए प्रभु श्रीराम के जन्म लेने के बाद सभी देवता भगवान राम के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंचे थे। यहां तक की पूरे एक माह तक चले जन्मोत्सव में दिन ही दिन रहा रात हुई ही नहीं। क्योंकि सूर्य भगवान भी अपने रथ को रोककर प्रभु के जन्म का उत्सव देखने में लगे थे।आचार्य ने कहा मनुष्य कितना भी बड़ा विद्वान क्यों ना हो किंतु मृत्यु के बाद सब कुछ यहीं पर समाप्त हो जाता है। परंतु उसके साथ उसके किए गए धर्माचरण ही एक ऐसा साधन है जो मनुष्य के मृत्यु के साथ जाता है। जब जीव अगले जन्म को लेता है तो पिछले जीवन काल में किए गए परमार्थ का फल ही उसे उसके जन्म में प्राप्त होता है, इसलिए...