अयोध्या, मई 10 -- अयोध्या। रामकथा संग्रहालय के निदेशक डा संजीब कुमार सिंह के मुताबिक पुरावशेष समाज की धरोहर है। इसे पीढ़ी दर पीढ़ी सौंपने के लिए उनका संरक्षण वैश्विक मानकीकरण के अनुसार किया जाना चाहिए तभी वह सुरक्षित ढंग से दूसरी पीढ़ी को प्राप्त हो सकेगी। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार मनुष्य की आयु निर्धारित है, ठीक उसी तरह अन्य सामग्रियों की भी एक निश्चित आयु होती है। उसके उनमें विभिन्न कारणों से क्षरण होने लगता है। इससे सामग्रियां नष्ट हो जाती है। उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र नयी दिल्ली (आईजीएनसीए) में संरक्षण की प्रयोगशाला के साथ वहां अलग-अलग प्रकार की सामग्रियों के संरक्षक व परिवेक्षण विशेषज्ञ मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि यह विशेषज्ञ समय-समय पर यहां आकर सामग्रियों को मानकीकरण के अनुसार संरक्षित करेंगे। फिलहाल टे...