फर्रुखाबाद कन्नौज, अप्रैल 17 -- फर्रुखाबाद, संवाददाता। जिले की ऐतिहासिक धरोहरों उपेक्षा की शिकार है। कई धरोहरें तो खंडहर में तब्दील हो चुकी हैं। इससे जिला ऐतिहासिक, पौराणिक, बौद्ध और सांस्कृतिक विरासतों के बावजूद पर्यटन मानचित्र पर पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहा है। पांचाल की राजधानी कंपिल से लेकर बुद्ध की चरण-रज संकिसा के अलावा कई ऐसे स्थल हैं जो राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित कर सकते हैं। लेकिन संरक्षण के अभाव में धरोहरें गुमनाम है। महाभारतकालीन पांचाल की राजधानी कंपिल से लेकर भगवान बुद्ध की चरण-रज वाली संकिसा तक जिले की जमीन पर इतिहास की कई परतें दबी हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की सूची में जिले के 15 स्थल 'संरक्षित' घोषित हैं लेकिन हकीकत यह है कि संरक्षण का बोर्ड लगाकर जिम्मेदार इन धरोहरों को भूल गए हैं। यह भी पढ़ें- ...
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