एटा, अप्रैल 22 -- धरा को हर-भरा बनाने के बड़े-बड़े दावे धरातल फेल दिख रहे है। हर साल सरकारी और गैर-सरकारी स्तर पर चलाए गए वृक्षारोपण अभियान चलाया जाता है। इसके बाद भी ज़मीनी हकीकत निराशाजनक नजर आ रही है। कई इलाकों में लगाए गए ज्यादातर पौधे सूख चुके है। एक बार पौधा लगाने के बाद ध्यान नहीं दिया गया। हालांकि वन विभाग का दावा है कि ज्यादातर जगहों पर पौधे सही है और पौधों को सही से बड़ा होने पर तीन साल लगते है। दावा यह भी किया है कि पहले से जिले में वन हरियाली बढ़ी है। बता दें कि हर साल बड़े धूमधाम से पौधारोपण किया जाता है। यह भी पढ़ें- विकास विभाग 19 ब्लाकों में रोपेगा 29 लाख पौधे पौधारोपण होने के बाद ध्यान नहीं दिया जाता है। वन विभाग को छोड़ दिया जाए तो अन्य कोई भी विभाग पौधों पर ध्यान नहीं देता है। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक कई...
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