किशनगंज, अप्रैल 14 -- बहादुरगंज। दलहन को प्रोटीन का बड़ा स्रोत और मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाने में खासा उपयोगी रहने के बावजूद क्षेत्र के अधिकांश किसान दलहन फसल की खेती से पुरी तरह विमुख हो गये हैं। जानकारी के अनुसार खरीफ दलहन के तौर पर अरहर, मूंग,उड़द की बुआई जुन -जुलाई एवं कटाई सितंबर -अक्टूबर एवं रबी दलहन के तौर पर चना,मसुर,मटर,राजमा आदि की बुआई अक्टूबर - नवंबर एवं कटाई मार्च - अप्रैल का दलहन फसल का खेती कालचक्र क्षेत्र में अत्यधिक बारिश के कारण किसान दलहन से जुड़े पैदावार के लिए प्रतिकुल मौसम जलवायु और एसिडिक मिट्टी के कारण दलहन की खेती को क्षेत्र के किसान घाटे की खेती मानकर खेती से विमुख हो गये हैं। यह भी पढ़ें- जमुई: प्राकृतिक आपदाओं की मार से हर साल प्रभावित हो रही दलहन की खेती विभागीय स्तर पर दलहन की खेती के लिए किसानों को जाग...
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