सीवान, अप्रैल 16 -- (सीवान से नीरज कुमार पाठक)। जिले में तेलहन फसलों, खासकर सरसों की खेती अब किसानों के लिए फायदे का सौदा नहीं रह गई है। लगातार बढ़ती लागत, मौसम की मार और बाजार में उचित कीमत नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। एक ओर खाद, बीज, मजदूरी, सिंचाई और परिवहन पर खर्च तेजी से बढ़ा है, वहीं दूसरी ओर फसल बेचने में भी कई तरह की दिक्कतें सामने आ रही हैं। किसानों के मुताबिक, पिछले साल जहां एक एकड़ में तेलहन की खेती पर करीब 9 से 10 हजार रुपये खर्च आता था, वहीं इस साल यह बढ़कर 14 से 16 हजार रुपये तक पहुंच गया है। यह भी पढ़ें- तिलहन की लागत बढ़ी 38 प्रतिशत, 25 प्रतिशत तक घटा मुनाफा खाद पर पहले करीब 2500 रुपये खर्च होते थे, जो अब 3500 से 4000 रुपये तक हो गए हैं। बीज की कीमत भी 1200 रुपये से बढ़कर 1800 रुपये प्रति एकड़ हो गई है। सिंचाई पर पहले 1...