उरई, जनवरी 22 -- उरई। मैत्री बुद्ध बिहार बघौरा में चल रहे बुद्ध धम्मदेशना कार्यक्रम में गुरुवार को बुद्ध के बचपन से युवावस्था का प्रसंग सुनाया गया। इस अवसर पर भंते शीलानन्द भूप ने कहा, तथागत बुद्ध बचपन से ही संवेदनशील थे, इसके लिए उन्हें दुखों से दूर रखा। ज्ञान की प्राप्ति के लिए बुद्ध ने मानव जीवन की सुख सुविधाएं तक त्याग दी थी। ऐसे महान बुद्ध के पदचिन्हों पर चलने की आवश्यकता है। भंते ज्ञान ज्योति ने बताया, तथागत बुद्ध ने जीवन में जो नेक काम किए, उससे प्रेरणा लेने की जरुरत है। कथावाचक अरविंद बौध्द ने बुध्द के जीवन की कथा सुनाई। संचालन रामबिहारी बौध्दचार्य ने किया। विशिष्ठ कार्यक्रम सहयोगी राम सिंह आजाद ,गजेन्द्र सिंह, मोतीलाल पप्पू, सुरेश चंद आजाद, माताप्रसाद, रामनारायण वर्मा चंन्द्रभान, मूर्ति दिवाकर, किशोरी देवी, अर्चना बौध्द आदि रहीं।...
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