नई दिल्ली, अप्रैल 9 -- नई दिल्ली। राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने समाधान योजना से प्राप्त धनराशि के वितरण को चुनौती देने वाली इंडियन बैंक, यूको बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईसीआईसीआई बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की संयुक्त याचिका खारिज कर दी। एनसीएलएटी की दो सदस्यीय पीठ ने कहा कि ऋणदाताओं की समिति द्वारा अपनी व्यावसायिक समझ के आधार पर स्वीकृत समाधान योजना से प्राप्त धन के वितरण की व्यवस्था तथा उसके बाद एनसीएलटी का आदेश वैध, विधिसम्मत एवं बाध्यकारी है। पीठ ने कहा कि बोली प्रक्रिया पूरी होने के बाद गठित निगरानी समिति इस व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं कर सकती थी।
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