मऊ, मार्च 29 -- घोसी, हिन्दुस्तान संवाद। तहसील अन्तर्गत मझवारा क्षेत्र के पतिला जमीन पतिला स्थित राम जानकी मंदिर अयोध्यापुरी शर्वेश्वर धाम के प्रांगण में चैत्र रामनवमी के अवसर पर शनिवार को धनुष यज्ञ मेला के दौरान गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित रामचरितमानस के धनुष यज्ञ व राम विवाह का सजीव मंचन किया गया। यहां स्वयंवर मेला मंचन विश्वामित्र संग वनवास को गये राम एवं लक्ष्मण के प्रवेश के साथ ही आरंम्भ हुआ। मंचन के दौरान महर्षि विश्वामित्र के संकेत मात्र पर प्रभु श्रीराम धनुष के पास पहुंचते हैं। स्पर्श मात्र से ही शिव धनुष खंडित हो जाता है और भयंकर गर्जना होती है। वहां पहुंचे भगवान परशुराम क्रोध जताते हैं। अंत में नारायण अवतार प्रभुराम को पहचान लेते हैं और अपना धनुष देकर हिमालय को लौट जाते हैं। इस दौरान स्वामीनाथ राय, रामप्रवेश मौर्य, महेन्द्र रा...