धनबाद, मार्च 14 -- धनबाद से रांची जाकर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षक इन दिनों ट्रेन का पुराना टिकट, बस टिकट व टोल टैक्स का रसीद खोजने में व्यस्त हैं। झारखंड शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) रांची की जांच टीम ने यात्रा भत्ता का दावा करने वाले धनबाद के 2401 शिक्षकों के बिल की जांच में पाया है कि टिकट समेत अन्य साक्ष्य नहीं हैं। जांच टीम ने अधिकतर शिक्षकों के बिल में यह टिप्पणी की है कि यात्रा भत्ता विचार योग्य नहीं है। एक शिक्षक ने 7935 रुपए ट्रेन का यात्रा भत्ता जमा कियाधनबाद के शिक्षकों ने 544 रुपए से लेकर आठ हजार रुपए यात्रा भत्ता का दावा किया है। काफी संख्या में शिक्षकों ने कार से यात्रा दिखाई, लेकिन टोल टैक्स से संबंधित दस्तावेज नहीं प्रस्तुत किया। जानकारों का कहना है कि एक शिक्षक ने बस से धनबाद से रांची आने-जाने ...