नई दिल्ली, नवम्बर 5 -- आलोक पुराणिक, आर्थिक पत्रकार धनतेरस के साथ आज से पांच दिनों तक चलने वाले दीपोत्सव की शुरुआत हो रही है। सनातन परंपरा में इस दिन कुबेर, धन्वंतरि और देवी लक्ष्मी की पूजा-आराधना का विधान है। लक्ष्मी धन की देवी हैं, धन्वंतरि आरोग्य के देवता और कुबेर देवताओं के कोषाध्यक्ष माने जाते है। गौर कीजिए, स्वास्थ्य को सर्वोत्तम धन माना गया है, इसलिए इस दिन इसकी भी देखभाल की जरूरत रेखांकित की गई। अमीर से लेकर गरीब तक, हर सनातनी परिवार आज के दिन कुछ न कुछ नया अवश्य खरीदता है- सोने-चांदी के आभूषण से लेकर कांसे-तांबे के बर्तन तक। सदियों से सोने को मुश्किल वक्त का साथी माना जाता रहा है। इसीलिए समाज इसमें निवेश करता रहा है। आज भी जब-जब डर बढ़ता है, लोग सोने की तरफ ही भागते हैं। युद्ध का खतरा हो, सरकारों का कर्ज बढ़ने लगे या डॉलर से भरोस...