धनतेरस पर धन कई गुना बढ़ाने के लिए होती है लक्ष्मी, कुबेर, यमराज की पूजा
नई दिल्ली, नवम्बर 5 -- धनतेरस कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाई जाती है। समुद्र मंथन के समय इसी दिन विष्णु के अंशावतार धन्वंतरि अपने हाथों में अमृत कलश और आयुर्वेद का ज्ञान लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए इस दिन पीतल, तांबे या चांदी के बर्तन अमृत कलश के प्रतीक के रूप में खरीदने की परंपरा है। पीतल को धन्वंतरि की धातु माना गया है। इस दिन इसेे खरीदने से आरोग्य लाभ होता है। धनतेरस पर लोहे और चीनी मिट्टी की बनी हुई चीजों की वस्तुओं को खरीदना शुभ नहीं होता है। इससे घर में बरकत कम होती है।धनिये का भी पूजा में इस्तेमाल करना ऐसी मान्यता है कि धन्वंतरि के प्रकट होने पर देवताओं ने उनकी पूजा में धनिये का इस्तेमाल किया था। इस दिन लक्ष्मी और धन्वंतरि के चरणों में धनिया अर्पित करने के बाद इसे तिजोरी में रखना शुभ माना जाता है। कुछ लोग पूजा के ब...
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