बांका, फरवरी 11 -- धोरैया (बांका), संवाद सूत्र। बांका जिले का सुप्रसिद्ध धनकुंड नाथ मंदिर आज भी अपने समुचित विकास की बाट जोह रहा है। पौराणिक काल से स्थापित यह मंदिर क्षेत्रवासियों की गहरी आस्था का केंद्र रहा है। बांका और भागलपुर की सीमा पर स्थित होने के कारण यहां दोनों जिलों के अलावा बिहार, झारखंड और अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। विशेषकर महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां लगने वाला तीन दिवसीय मेला पूरे क्षेत्र के लिए धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आकर्षण का केंद्र बन जाता है। सावन माह में तो प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए यहां उमड़ते हैं। इसके बावजूद यह प्रसिद्ध तीर्थस्थल आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। मंदिर परिसर में स्थायी शौचालय, चेंजिंग रूम, पेयजल व्यवस्था और समुचित विद...
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