नई दिल्ली, मार्च 20 -- दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पालम में भीषण आग में नौ लोगों की जान चली गई। वहीं भागने की कोशिश में तीन अन्य लोग घायल हो गए थे। आग बुधवार तड़के करीब 6.15 बजे चार लगी थी। हादसे के दौरान 22 वर्षीय हिमांशी ने अपनी 70 वर्षीय बुजुर्ग मां लाडो कश्यप का अंत तक साथ नहीं छोड़ा। मां और बेटी ने लगातार संघर्ष किया मगर जब उन्हें एहसास हुआ कि अब आग उनके नजदीक है तो दोनों ने एक कमरे में ही अंतिम सांस लेने का फैसला लिया। परिजनों के मुताबिक लाडो और हिमांशी इमारत की दूसरी मंजिल में रहते थे। ग्राउंड फ्लोर पर आग तेजी से फैली तो मां ऊपर चढ़ने में असमर्थ थीं। उन्होंने बताया कि मां को देखकर हिमांशी ने भी साथ ही रुकने का फैसला किया। जैसे-जैसे आग फैलती गई, दोनों बचने के लिए बाथरूम में घुस गईं। यह भी पढ़ें- दिल्ली पालम हादसाः मदद मांगते-मांगते मौत ...
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