मैनपुरी, जून 9 -- जिले में बड़ी संख्या में वाहन धुलाई केंद्र बिना एनओसी और विभागीय अनुमति के संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों पर प्रतिदिन हजारों लीटर भूजल का दोहन किया जा रहा है, जबकि जल संरक्षण को लेकर सरकार लगातार अभियान चला रही है। नियमों को ताक पर रखकर चल रहे इन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से संचालक मोटा मुनाफा कमा रहे हैं, लेकिन संबंधित विभागों की निगरानी और कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बढ़ते जलदोहन से भविष्य में भूजल स्तर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है। जिले में संचालित कई वाहन धुलाई केंद्रों पर जल संरक्षण नियमों और विभागीय मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। यह भी पढ़ें- धड़ल्ले से जलदोहन, बिना एनओसी चल रहे वाहन धुलाई केंद्र बिना आवश्यक एनओसी और संबंधित विभागों की अनुमति के चल रहे इन वाहन धुलाई केंद्रों में प...