द्वादश ज्योतिर्लिंगों के स्मरण से मिलता है शिवलोक: महाराज
सहारनपुर, अगस्त 4 -- प्राचीन सिद्धपीठ श्री मंकेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा मंगलवार को पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो गई। समापन अवसर पर कथाव्यास मनोज महाराज ने द्वादश ज्योतिर्लिंगों की महिमा का वर्णन करते हुए भगवान शिव की आराधना का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग स्वयंभू और दिव्य प्रकाश स्वरूप हैं, जिनके दर्शन एवं स्मरण से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं। काशी विश्वनाथ को मोक्षदायिनी और केदारनाथ को हिमालय का प्रमुख आस्था केंद्र बताते हुए उन्होंने महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, रामेश्वरम सहित अन्य ज्योतिर्लिंगों की महिमा भी सुनाई। कथा के मुख्य यजमान संजीव कुमार और शेखर वर्मा रहे। आरती के यजमान जोगेंद्र सिंह व अरविंद गर्ग तथा प्रसाद वितरण अमित गर्ग व धीरज गर्ग ने किया। कार्यक्रम में चौधरी...
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