नई दिल्ली, जुलाई 15 -- नई दिल्ली। डीयू में दो वर्ष पूर्व शुरू किए गए साइंस ऑफ हैप्पीनेस कोर्स को अभी तक दो हजार से अधिक विद्यार्थी अपना चुके हैं। इस मूल्य संवर्धन (वीएसी) कोर्स को 17 कॉलेजों और एक विभाग में शुरू किया गया है। बुधवार को डीयू कुलपति प्रो. योगेश सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सभी प्रिंसिपलों और संबंधित अधिकारियों ने कोर्स को लेकर अपने अनुभव साझा किए। कुलपति ने इसकी सफलता पर हर्ष जताते हुए कहा कि खुश रहना जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है यह तभी संभव है, जब हम दूसरों के लिए अच्छा सोचें और अच्छा करें। पहले ऐसे कोर्सों को कोई नहीं जानता था, लेकिन अब आधुनिक समाज में अनेकों तरह की चुनौतियां हैं। यह भी पढ़ें- 2 साल में डीयू के 2 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने सीखा साइंस ऑफ हैप्पीनेस ऐसे में माइंड सेट को बदलने की जरूरत होती है। उसके...