फतेहपुर, जुलाई 17 -- फतेहपुर। नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों का कक्षा एक अथवा पूर्व प्राथमिक कक्षा में प्रवेश न लेना दो विद्यालयों को महंगा पड़ सकता है। बीएसए ने दोनों विद्यालयों के प्रधानाचार्यो को बुलाकर शत प्रतिशत प्रवेश लेने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि अन्यथा की स्थिति में मान्यता प्रत्याहरण की कार्यवाही कर दी जाएगी। बीएसए प्रिंसी मौर्या ने बताया कि योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन प्राप्त कर बच्चों का विद्यालय आवंटन किया गया था। लेकिन जिले के नगर क्षेत्र में स्थित ट्रूथ मिशन स्कूल और डा. वीरेंद्र स्वरूप पब्लिक स्कूल देवमई में आवंटित बच्चों के प्रवेश न लेने की अभिभावकों द्वारा शिकायत की गई। जिसके निस्तारण के लिए बीएसए कार्यालय में प्रधानाचार्यो को बुलाया गया। जिनसे ...