अलीगढ़, मई 15 -- अलीगढ़, कार्यालय संवाददाता। जनपद में पिछले दो वर्षों के भीतर कृषि क्षेत्र से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। आंकड़ों के अनुसार, जिले में यूरिया खाद की खपत में लगभग 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इस बदलाव का सीधा कारण कृषि विभाग द्वारा यूरिया वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना और नियमों को कड़ा करना माना जा रहा है। जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि इस गिरावट का मुख्य कारण पीओएस मशीन और खतौनी को आपस में जोड़ना है। अब किसानों को उनकी जमीन के रकबे के आधार पर ही तय मात्रा में यूरिया का वितरण किया जा रहा है। पीओएस मशीन से अनिवार्य सत्यापन के कारण अब कोई भी किसान या बिचौलिया जरूरत से ज्यादा या अतिरिक्त यूरिया का स्टॉक अपने पास जमा नहीं रख पा रहा है। पहले बिना सत्यापन के खाद की जमाखोरी और अन्य व्यावसायिक क...