जौनपुर, अगस्त 11 -- मछलीशहर, हिन्दुस्तान संवाद। जन्म और मृत्यु के देर से होने वाले पंजीकरण को लेकर नियमों में बदलाव किया गया है। नए प्रावधानों के तहत निर्धारित समय सीमा के बाद पंजीकरण कराने पर अब अलग-अलग स्तर पर सत्यापन और अनुमति की व्यवस्था की गई है। खासकर दो वर्ष से अधिक पुराने जन्म या मृत्यु के मामलों में कोर्ट का आदेश जरूरी होगा। नई व्यवस्था के अनुसार जन्म एवं मृत्यु की घटना के 21 दिनों के भीतर पंजीकरण कराने पर प्रमाणपत्र निःशुल्क जारी किया जाएगा। 21 दिन के बाद और एक वर्ष के भीतर पंजीकरण कराने पर निर्धारित विलंब शुल्क देना होगा। वहीं एक वर्ष से अधिक और दो वर्ष के भीतर के मामलों में जिला मजिस्ट्रेट, उपजिलाधिकारी या अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अनुमति और सत्यापन के बाद ही पंजीकरण किया जा सकेगा। दो वर्ष से अधिक पुराने मामलों में नियम औ...