गोपालगंज, अप्रैल 17 -- गोपालगंज, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। जिले में पिछले दो वर्षों के दौरान खेती के साधनों में वृद्धि हुई है। आधुनिक कृषि यंत्र, उन्नत बीज और तकनीकी सलाह तक किसानों की पहुंच बढ़ी है, लेकिन इसके साथ ही खेती की लागत भी तेजी से बढ़ी है। किसानों का कहना है कि बढ़ती लागत के मुकाबले फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा। नतीजतन खेती की आमदनी लगातार घट रही है। गोपालगंज जिले में करीब 1.32 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ व रबी सीजन की खेती होती है। जिसमें लगभग 68 हजार हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित है। नहरों में पानी नहीं आने और सरकारी नलकूपों के खराब रहने से सरकारी सिंचाई व्यवस्था नकारा बनी हुई है। यह भी पढ़ें- खेती के संसाधन व लागत दोनों बढ़े, मुनाफा में खास बढ्ढोत्तरी नहीं किसान निजी साधनों और डीजल पंप पर अधिक निर्भर हैं। कृषि विभाग के अनुसार...
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