भदोही, अप्रैल 8 -- भदोही, संवाददाता। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध पर 39 दिनों के बाद विराम लगा है। दो सप्ताह के सीजफायर की जानकारी मिलने के बाद कालीन नगरी के निर्यातकों के साथ ही लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि ईरान की शर्तों ने कालीन निर्यातकों की चिंता बढ़ा दी है। होर्मुज मार्ग से गुजरने वाले कालीन शिपमेंट पर प्रति आवागमन ईरान दो हजार मिलियन डॉलर शुल्क लेगा। इससे कालीन निर्यातकों को झटका लगा है। भारत पूरी दुनिया में 17 हजार करोड़ रुपयों से ज्यादा का कालीन निर्यात करता है। जिसमें अमेरिका की भागीदारी करीब 60 फीसदी है। भारत के कालीन कारोबार में बड़ा व्यवसाय भदोही-मिर्जापुर परिक्षेत्र है। कारोबार से 30 लाख परिवारों की रोजी-रोटी चलती है। ईरान और अमेरिका युद्ध के कारण कालीनों को अमेरिका भेजने में काफी परेशानी आ रही थीं। उसका कारण समुद्री मा...
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