कानपुर, मई 10 -- सरवनखेड़ा, संवाददाता। मनरेगा योजना के सारे काम हम लोगों के भरोसे हैं, लेकिन हमारी खुद की समस्यायें कोई सुनने वाला नहीं है। मजदूरों को 100 दिन का रोजगार दिलाने से लेकर योजना और उसके अलावा भी तमाम अनेक कामों में हम रोजगार सेवकों को लगाया जाता है, लेकिन इसके बावजूद हम लोगों समय से मानदेय नहीं मिलता है। इस कारण हम लोग कर्ज में डूबे रहते हैं। रोजगार सेवकों के जिलाध्यक्ष हरिमोहन सिंह ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्षों से अब तक लेकर 18 से 20 माह तक मानदेय बाकी है। पिछले दो वित्तीय वर्ष से होली और दीपावली जैसे महत्व पूर्ण त्योहार में भी तक भुगतान नहीं हो पाया है। इससे यह त्यौहार भी फीके रहे। प्रदेश स्तरीय अधिकारियों के द्वारा समय पर बजट की मांग न करना मानेदय भुगतान मुख्य अर्चन है। शासन स्तर से कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिलने पर जनपदीय...
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