कन्नौज, मार्च 12 -- छिबरामऊ, संवाददाता। नगर के मोहल्ला विरतिया स्थित मदरसा जामिया खदीजतुल कुबरा के मौलाना जियाउल हक साहब ने बताया कि इस्लाम में जुमा यानी शुक्रवार का दिन विशेष महत्व रखता है। रमजान में आने वाला जुमे का दिन और भी खास हो जाता है, खासकर आखिरी जुमे को जुमातुल विदा या अलविदा जुमा कहा जाता है। आज पूरे देश में अलविदा जुम्मा की नमाज अदा की जाएगी। मौलाना ने कहा कि रमजान रहमतों व बरकतों का महीना है, जो अब विदा होने को है। फिर शव्वाल की पहली तारीख को ईद-उल-फितर मनाई जाएगी। इस बार खास बात यह है कि अलविदा जुमा की नमाज दो बार पढ़ी जा सकती है। 29 को चांद नजर आया तो शुक्रवार को होगी ईदयदि 29 रमजान को चांद नजर आ गया तो अगला शुक्रवार ईद का दिन होगा। यदि चांद नहीं निकला तो 30वें रमजान वाला दिन शुक्रवार फिर अलविदा जुमा होगा और अलविदा की नमाज ...
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