लखनऊ, अप्रैल 9 -- ​लखनऊ, संवाददाता। राजाबाजार स्थित गीता सत्संग भवन आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के विराम दिवस पर गुरुवार को भक्ति और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। ​धार्मिक अनुष्ठान को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए सुहासिनी संस्था और कथा व्यास आचार्य उमेश मिश्रा ने कथा के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा दान में दी गई साड़ियां, वस्त्र, बर्तन, गृहस्थी का सामान समेत समस्त सामग्री दो निर्धन कन्याओं के विवाह के लिए भेंट कर दी। संस्था के पदाधिकारियों ने दोनों कन्याओं को सपरिवार बुलाकर यह सामग्री सौंपी। कथा के अंतिम दिन आचार्य उमेश मिश्रा ने सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष का मार्मिक प्रसंग सुनाया। भगवान कृष्ण और सुदामा की निस्वार्थ मित्रता का वर्णन सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो गए। आचार्य ने बताया कि भक्ति का वास्तविक फल वैराग्य और परोपकार में ही नि...