उरई, सितम्बर 25 -- कालपी। संवाददाता दो दिन तक लगातार बढ़ने के बाद यमुना नदी का जलस्तर कम होना शुरू हो गया है, जिससे यमुना तलहटी में बसे किसानों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। जुलाई से सितंबर तक बाढ़ की आशंका के बीच नदी का स्तर गुरुवार को 100 मीटर तक पहुंच गया था, जिससे खेतों में खड़ी फसलों के डूबने का खतरा मंडराने लगा था। देर शाम जलस्तर घटने से लोगों की चिंता कम हुई है।बीती जुलाई, अगस्त और सितंबर माह में यमुना में बाढ़ की संभावना अधिक रहती है। इस दौरान तलहटी में बसे लोग जलस्तर बढ़ते ही फसलों के नुकसान को लेकर सशंकित हो जाते हैं। इस बार अभी तक नदी का जलस्तर इतना नहीं बढ़ा है कि फसलों को नुकसान पहुंचा हो, लेकिन जुलाई से अब तक कई बार स्तर में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। बुधवार सुबह से यमुना का जलस्तर फिर बढ़ना शुरू हुआ था और गुरुवार तक...