सीतापुर, नवम्बर 22 -- इमलिया सुल्तानपुर। विकास खंड के विभिन्न गांवों से होकर बहने वाली सरायन नदी के तलहटी में बसे गावों के बाशिंदें क्षेत्र में जंगली और हिंसक पशुओं की चहलकदमी से भयभीत हैं। शनिवार की सुबह बेलामऊ व ढोलई खुर्द गांवों में बाघ के पगचिन्ह देखे जाने से क्षेत्र के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। इस क्षेत्र के एक बाघ का आतंक बीते काफी समय से है। आए दिन ग्रामीण और मवेशी इसका निवाला बनते रहते हैं। हालांकि इसे पकड़ने के लिए बीती 10 नवंबर को वन विभाग ने क्षेत्र के अंदौली गांव में पिंजरा लगाया गया था। लेकिन इस पिंजरे से करीब तीन किमी की दूरी पर बाघ की चहलकदमी ने एक बार फिर ग्रामीणों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। क्षेत्र के ढोलई खुर्द गांव के निवासी शेर बहादुर के खेत में शनिवार की सुबह एक जानवर के अवशेष पड़े मिले, घटनास्थल के पास बाघ क...
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