दो आचार्य की वैराग्य भूमि पर आचार्य विबुद्ध सागर का चातुर्मास प्रारंभ
एटा, जुलाई 31 -- जैन समाज के प्रमुख दो आचार्य की वैराग्य भूमि सकरौली पर आचार्य विबुद सागर महाराज का चातुर्मास समारोह के साथ प्रारंभ हुआ। समारोह में विधि-विधान से कलश स्थापना की गई। आचार्यश्री ने बताया कि भगवान आदिनाथ के पुत्र भरत के भारत की धर्म नगरी सकरौली में शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में 24 बार विश्व पवन वर्षा योग में एक नहीं 108 कलश के साक्षी ध्वज के साथ स्थापना की गई। इस चातुर्मास की विशेषता है कि 108 दिवसीय अखंड णमोकार का मंत्र शंखनाद के साथ रिद्धि सिद्धि वृद्धि समृद्धि के साथ पूर्ण होगा। इस कार्यक्रम में 13 करोड़ 13 लाख 13 हजार 113 महामंत्र का जप अनुष्ठान विश्व शांति महायज्ञ होगा। यह भी पढ़ें- Lucknow News: भगवान के सहस्र नामों का वाचन सुन आध्यात्मिक ऊर्जा भर उठे भक्त इस अनुष्ठान से संसार के दुखी प्राणियों को सुख शांति समृद्धि की प...
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