नई दिल्ली, मई 8 -- नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने वर्ष 2023 के दोहरे हत्याकांड मामले में साजिश रचने की आरोपी एक महिला को नियमित जमानत दे दी है। अदालत ने कहा कि मुकदमे में लंबा समय लगने की संभावना है और तीन साल से अधिक समय से विचाराधीन कैदी के रूप में महिला को जेल में रखना उचित नहीं है। न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि आरोपपत्र में शामिल 57 गवाहों में से अब तक केवल 16 के बयान ही दर्ज हो पाए हैं, जिससे साफ है कि ट्रायल अभी लंबा चलेगा। अदालत ने यह भी पाया कि अभियोजन के आरोपों के समर्थन में आरोपी के कथित खुलासे के अलावा कोई ठोस साक्ष्य नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि उसने सह-आरोपियों को घर के पिछले दरवाजे से अंदर आने दिया था। यह भी पढ़ें- ...यह बात ठीक नहीं; प्रेमी के साथ मिलकर सास-ससुर की हत्या करने वाली महिला को क...
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