फतेहपुर, अप्रैल 26 -- फतेहपुर, संवाददाता। दोआबा की गंगा बेल्ट में वैसे तो कई वैरायटियों के तरबूजों की खेती की जाती है। लेकिन यहां पर पैदा होने वाले कालिया की विशेष प्रजाति की धमक दिल्ली सहित नोएडा, गाजियाबाद व अन्य प्रदेशों में काफी मांग है। लेकिन स्थानीय स्तर पर किसानों को इसका बीज न मिलने से किसान खासे परेशान होते हैं। वहीं गंगा की तलहटी में होने वाली तरबूज की खेती बाढ़ के दौरान डूबने के कारण अब धीरे-धीरे इसकी पैदावार पर भी असर पड़ता जा रहा है।चाइना व ताइवान से आता सरस्वती का बीजकिसान राकेश कुमार ने बताया कि स्थानीय स्तर पर तरबूज का बीज उपलब्ध नहीं हो पाता है। नतीजतन सरस्वती प्रजाति का बीज चाइना व ताइवान से आता है, जिसकी खासियत यह है कि वह खेतों में भी पैदा किया जा सकता है। वहीं अन्य वैरायटियों के तरबूज के बीज हैदराबाद, गुजरात आदि से आते ...
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