वाराणसी, अगस्त 13 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। मेडिकल साइंस में शरीर रचना विज्ञान काफी महत्व रखता है। इसके जरिये छात्र शरीर की आंतरिक संरचना और उसकी कार्यप्रणाली के बारे में सीखते हैं। इसके लिए मेडिकल कॉलेजों को शवों की जरूरत होती है। इसको पूरा करने के लिए देहदान का संकल्प कराया जाता है। यह प्रक्रिया बीएचयू के चिकित्सा विज्ञान संस्थान में पिछले 56 साल यानी 1960 से चल रही है। यहां इस अवधि में 566 लोगों ने प्रपत्र भरकर देहदान का संकल्प लिया था, लेकिन इनमें से ज्यादातर की मृत्यु के बाद परिजनों ने भावनात्मक और पारंपरिक कारणों से देहदान का संकल्प पूरा नहीं कराया। हालांकि 22 ऐसे लोग भी रहे, जिनके परिजनों ने यह संकल्प पूरा किया है। पिछले कुछ अरसे में जागरूकता अभियानों के चलते देहदान का संकल्प लेने वालों की संख्या जरूर बढ़ी है, लेकिन संस्थान क...