लखनऊ, अगस्त 30 -- -आर्थोपेडिक्स विभाग व उत्तर प्रदेश ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन की कार्यशाला में हुआ खुलासा, बरसों दर्द सहने के बाद पहुंच रहे अस्पताल -केजीएमयू में छह में चार मरीज अपनाते हैं देसी नुस्खा यह भी पढ़ें- जोड़ों के दर्द से राहत दिलाएगा इंजेक्शन लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। घुटने में दर्द हुआ तो ट्रांसफार्मर के जले तेल की मालिश। कमर में दर्द हुआ तो कोई घरेलू लेप। हड्डी में चोट लगी तो गांव-मोहल्ले में बताए नुस्खे। डॉक्टर के पास जाने की बारी सबसे आखिर में। केजीएमयू हड्डी रोग विभाग की ओपीडी में आने वाले करीब छह में चार मरीजों की कहानी कुछ ऐसी ही है। खासकर ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीज पहले एक या अधिक देसी नुस्खे आजमाते हैं। कई मरीज महीनों ही नहीं, बल्कि वर्षों तक दर्द को घरेलू इलाज कराते हैं। बिना डॉक्टर की सलाह दर्द निवारक दवाओं से दबाते रह...