नई दिल्ली, मार्च 23 -- युद्ध के चलते उपजे हालात के बीच देश के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आश्वासन जरूरी था। लोकसभा में प्रधानमंत्री के वक्तव्य की प्रतीक्षा हो रही थी। अब इस विश्वास को बल मिला है कि देश में तेल-गैस जनित संकट बेकाबू नहीं हो पाएगा। प्रधानमंत्री ने जो तथ्य संसद में रखे हैं, उनकी रोशनी में हमें देखना और सोचना होगा। युद्ध वाकई खतरनाक है और इसका असर सभी पर पड़ रहा है। भारत में भी यह असर पड़ रहा है और अच्छी बात है कि यहां सरकार हालात से निपटने के लिए सजग है। प्रधानमंत्री ने आंकड़ों के साथ बताया है कि तेल, गैस और कोयले की देश में क्या स्थिति है और देश के पास कितना भंडार है। पहले भारत दुनिया के 27 देशों से कच्चा तेल, एलपीजी और पीएनजी खरीदता था, अब वह 41 देशों से खरीद रहा है। भारत की ईंधन जरूरत बहुत ज्यादा है और वह कुछ ही देशों...