नई दिल्ली, फरवरी 16 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने ब्रिटेन स्थित लेखिका व पत्रकार अमृत विल्सन के ओसीआई कार्ड रद्द किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति पुरुषेन्द्र कुमार कौरव की पीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि हम इतने सहिष्णु राज्य नहीं हो सकते कि अपने ही देश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर आलोचना या बदनाम होने की अनुमति दे दें। पीठ ने यह भी उल्लेख किया कि अमृत विल्सन के संबंध में खुफिया विभाग की रिपोर्ट्स मौजूद हैं, जिनमें उनके कथित भारत-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं। विल्सन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिदीप पेस ने दलील दी कि ओसीआई कार्ड रद्द करने के लिए जारी कारण बताओ नोटिस पूरी तरह विवरणों से रहित है। उन्होंने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि...
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