नई दिल्ली, अगस्त 15 -- रील्स और हैशटैग्स की दुनिया से अलग जेन-जी पीढ़ी का एक चेहरा ऐसा भी है, जो वतन पर मर-मिटने का अडिग जज्बा रखता है। जब सुख-सुविधाओं और देशसेवा में से किसी एक को चुनना पड़ा तो इन्होंने राष्ट्र को सबसे ऊपर रखा। हम देश के कोने-कोने से ऐसे ही जांबाजों की कहानियां लाए हैं, जिन्होंने छोटी उम्र में सेना में शामिल होकर अपनी जांबाजी और पराक्रम से देश का गौरव बढ़ाया। पेश है हिन्दुस्तान की विशेष रिपोर्ट...इंग्लैंड नहीं गए, देश के लिए दी शहादत अल्मोड़ा के रहने वाले बीरेश्वर गोस्वामी का बचपन से सपना था कि वह सेना में भर्ती होकर सरहद की निगहबानी करेंगे। 2023 में उनका यह सपना पूरा भी हुआ। इससे पहले उनके पास इंग्लैंड में पढ़ाई कर करियर बनाने का भी मौका था, लेकिन उन्होंने देश सेवा को वरीयता दी। इसी साल छह जून को राजौरी में आतंकवाद विरो...