प्रयागराज, अगस्त 14 -- प्रयागराज। देश की सेवा करते हुए शहादत देने वाले भारतीय तटरक्षक बल के कमांडेंट सौरभ यादव के परिवार का दर्द समय के साथ कम होने के बजाय और गहरा हो गया है। पति की शहादत के डेढ़ साल बाद भी पत्नी वसिता यादव को मृतक आश्रित कोटे में आजतक नौकरी नहीं मिली। शहीद सौरभ की पत्नी को नौकरी देने की फाइल रक्षा और गृह मंत्रालय के बीच घूम रही है। पिछले साल पांच जनवरी को जूनियर अधिकारियों को प्रशिक्षण देने के दौरान हुए हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद होने वाले सौरभ के माता-पिता बहू को नौकरी दिलाने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार के दफ्तरों में गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मिल चुके हैं। पिता 70 वर्षीय ज्ञान सिंह दफ्तरों के चक्कर काटकर थक गए हैं। कहते हैं बहू और उनके दोनों बच्चों के भविष्य की चिंता होती है। बेटे की मौत के बाद सरकार ने गैल...