नई दिल्ली, अगस्त 22 -- भारतीय रेल की मेल एक्सप्रेस ट्रेन के थर्ड- एसी कोच में सफर मध्यम वर्ग की पहली पसंद बन गया है। बढ़ती प्रति व्यक्ति आय, जलवायु परिवर्तन के कारण भीषण गर्मी और धूल से मुक्ति पाने के लिए यात्री स्लीपर क्लास छोड़कर एसी कोच की ओर रुख कर रहे हैं। रेल मंत्रालय के 10 साल के वार्षिक सांख्यिकी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2012 में ट्रेनों में एसी-3 की कुल सीटें 2.7 लाख थीं। वर्ष 2022-23 तक बढ़कर 7.2 लाख से अधिक हो गईं। रेलवे के आंकड़ों के अनुसार बदलते ट्रेंड का नतीजा है कि बीते एक दशक में एसी-3 के बेड़े में 163 फीसदी का उछाल दर्ज हुआ है। रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रति व्यक्ति आय और क्रय शक्ति में वृद्धि के चलते मध्यम वर्ग किफायती और वातानुकुलित यात्रा के लिए अधिक पैसा खर्च करने को तैयार हैं। बदलते मौसम, भीषण गर्मी...