देश के किसानों पर आफत, पहले जैसी नहीं होगी मॉनसूनी बारिश; अब क्या करें?
नई दिल्ली, मई 29 -- भारत सरकार ने इस साल के मॉनसून को लेकर अपना अनुमान कम कर दिया है। यह खबर देश भर के किसानों के लिए एक बड़ा झटका है, जो पहले से ही मध्य पूर्व में चल रही जंग के कारण खेती की बढ़ती लागत से जूझ रहे हैं। पिछले तीन सालों में यह पहली बार है जब मॉनसून के इतना कमजोर रहने का अनुमान लगाया गया है। इस खबर ने कृषि उत्पादन और देश के आर्थिक विकास को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, खासकर ऐसे समय में जब भारत पहले से ही ईरान युद्ध के कारण उत्पन्न हुई महंगाई से जूझ रहा है। मॉनसून एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भारत की जीवन रेखा है। देश के खेतों की सिंचाई, जलाशयों और भूजल को भरने के लिए जरूरी पानी का लगभग 70% हिस्सा मॉनसूनी बारिश से ही आता है। एक तरफ जहां आसमान से बरसने वाली राहत की बूंदों का पैटर्न बिगड़ गया है, वहीं दूसरी तरफ महंगाई और व...
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