लखनऊ, मार्च 9 -- लखनऊ। वर्तमान भारत की संस्थाएं असीम अवसरों और प्रयासों की प्रयोगशालाएं हैं। देश की प्रगति केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है। बल्कि यह सांस्कृतिक, बौद्धिक और नैतिक मूल्यों के समन्वय से निर्मित होती है। ये बातें लोहिया विधि विवि की डॉ. अलका सिंह ने सरदार पटेल यूनिवर्सिटी के ऑटोनोमस कॉलेज एनएच पटेल कॉलेज ऑफ एजुकेशन आनंद के अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार इंडिया 2026 में में कहीं। डॉ. अलका सिंह ने कहा कि आयुर्वेद,योग शिक्षा, अध्यात्म और साहित्य के माध्यम से दुनिया को मानवीय मूल्यों को गढ़ने की नईं दिशा प्रदान की है। यह तभी संभव है जब हम सतत विकास, समावेशी नीतियों और संवाद की संस्कृति को अपनाते हुए सभी के विकास और भागीदारी को सुनिश्चित करें।
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