गुड़गांव, अगस्त 14 -- गुरुग्राम, अमर मौर्य। देश की रक्षा के लिए प्रथम विश्व युद्ध से लेकर अब तक जिले के सौ से अधिक जवानों ने शहादत दी है। इनमें कैप्टन, मेजर, लेफ्टिनेंट भी शामिल हैं। कई ऐसे गांव हैं, जिनमें से दस से अधिक जवान देश सेवा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे। इसके बाद गांवों के युवाओं में देश सेवा का जज्बा बरकरार है। लेफ्टिनेंट अतुल ने आतंकियों से लिया लोहा था: यह भी पढ़ें- तिरंगे की आन में दो आतंकियों को मार गिराया, शहादत के बाद मिला शौर्य चक्रलेफ्टिनेंट अतुल कटारिया का बलिदान गुड़गांव से लेकर बसई बोहड़ाकलां, कासन, गाडौली खुर्द गांव के हुताक्षरों ने देश की आजादी के लिए प्राण न्यौछावर किए। गुड़गांव गांव के लेफ्टिनेंट अतुल कटारिया 14 अक्तूबर 1998 को पीर पंजाल की रेंज की तरफ निकले थे। इसी बीच उन्हें वायरलेस पर जानकारी मिली कि पास ...