दरभंगा, जनवरी 13 -- दरभंगा। महारानी कामसुंदरी देवी महारानी अधिरानी उपाधिधारी देश की अंतिम जीवित महिला थीं। दरभंगा राज परिवार की सदस्य कुमुद सिंह ने यह जानकारी देते हुए कहा कि कामसुंदरी नाम उन्हें दरभंगा राज परिवार की ओर से दिया गया था। उनके मायके का नाम कल्याणी था। कुमुद सिंह ने कहा कि राज परिवार में पहली रानी को लक्ष्मी, दूसरी को प्रिया और तीसरी को कामा का नाम दिया जाता था। यह राज परिवार की परंपरा थी। सनातन में चार विवाह तक करने को मान्यता दी गयी थी। वर्तमान में वे महाराजा कामेश्वर सिंह की ओर से दी गयी कल्याणी निवास में ही रह रही थीं। वहां मायके के लोग उनकी देखभाल करते थे। उनके पोते कुमार कपिलेश्वर सिंह ने कहा कि महारानी अधिरानी कामसुन्दरी देवी सादगी, सौम्यता, करुणा और गरिमा की जीवंत प्रतिमूर्ति थीं। उन्होंने जीवनभर राजपरंपरा की मर्यादाओ...
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